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Postal Manual Valume-V (Definitions)

 
पोस्टमास्टर जनरल ( Postmaster-General) :

  • पोस्टमास्टर जनरल ” शब्द का आशय प्रधान मुख्य  जनरल , मुख्य पोस्टमास्टर जनरल , क्षेत्रीय पोस्टमास्टर जनरल या निदेशक डाक सेवा और अन्य कोई अधिकारी से है , जो प्रधान मुख्य पोस्टमास्टर जनरल , मुख्य पोस्टमास्टर जनरल या क्षेत्रीय पोस्टमास्टर जनरल के अधिकारों का प्रयोग करता है ।

रेल डाक व्यवस्था Railway Mail Service : 

  • रेल डाक व्यवस्था ” का अर्थ है – वह व्यवस्था जो डाक कार्यालयों और अनुभागों में डाक की छंटाई का प्रबंध करने और रेल , सड़क और नदी स्टीमरों द्वारा भेजी गई डाक की अभिरक्षा और उसके सही निपटान के लिए उत्तरदायी है ।

अधीक्षक Superintendent : – 

  • डाकघर अक्षीक्षक , डाक मण्डल का मुख्य अधिकारी होता है , और रेल – डाक व्यवस्था के मण्डल में रेल डाक अधीक्षक की भी वहीं स्थिति होती है । अधीक्षक पर उसके नियंत्रणाधीन मण्डल के प्रशासन का कार्यभार होता है और उस मण्डल के सभी अधिकारी उसके अधीन होते हैं । वह सीधे क्षेत्र / सर्किल अध्यक्ष के अधीनस्थ होता है ।

प्रधान डाकघर Head Office : – 

  • प्रधान डाकघर कुछ डाकघरों के एक समूह का मुख्य कार्यालय होता है जिसमें स्वयं डाकघर और बहुत से छोटे डाकघर , जिन्हें उप डाकघर और शाखा डाकघर कहा जाता है और जो प्रधान डाकघर के लेखा सम्बन्धी क्षेत्राधिकार के अंतर्गत रहते हैं , शामिल होते हैं । यह अपने और समूह के सभी उप डाकघरों और शाखा डाकघरों का मुख्य लेखा कार्यालय होता है और उप डाकघरों तथा शाखा डाकघरों के धन संबंधी लेन – देन का हिसाब इसके लेखों में शामिल किया जाता है ।

प्रधान डाकघर General Post Office : –

  •  किसी सर्किल अध्यक्ष के मुख्यालय में स्थित प्रथम श्रेणी के प्रधान डाकघर को या जहां इस प्रकार के एक से अधिक प्रधान डाकघर हों वहां मुख्यालय से संबद्ध प्रधान डाकघर को प्रधान डाकघर कहा जाता है । टिप्पणी : – प्रधान डाकघरों की श्रेणियाँ : प्रथम श्रेणी प्रधान डाकघर वरिष्ठ समय मान अधिकारी के नियंत्रण तथा पर्यवेक्षणाधीन होते हैं । उन्हें मुख्य पोस्टमास्टर कहा जाता है । द्वितीय श्रेणी प्रधान डाकघर ग्रुप ” बी ” अधिकारी के नियंत्रण तथा पर्यवेक्षण में रहेंगे । ये अधिकारी वरिष्ठ अधीक्षक , डाकघर के अधीन रहेंगे ।

उप डाकघर SO : – 

  •  वह डाकघर जो प्रधान डाकघर के अधीन हो और जिसका प्रधान डाकघर से लेखा संबंध हो और जिसके धन संबंधी लेन – देन को प्रधान डाकघर के लेखों में समाविष्ट किया जाता हो , उप डाकघर होता है । उप डाकघर के प्रभारी अधिकारी को नायब पोस्टमास्टर कहा जाता है ।  किसी नगर या उसके उपनगरों में , जहाँ प्रधान डाकघर भी हो , स्थित उप डाकघर को नगर उप डाकघर कहा जाता है ।

  शाखा डाकघर BO: –  

  • शाखा डाकघर उप डाकघर से निचले दर्जे का डाकघर होता है । इसका लेखा संबंध सीधे किसी प्रधान डाकघर या उप डाकघर से होता है जिसे इसका लेखा कार्यालय कहा जाता है । शाखा डाकघर के धन संबंधी लेन – देन को प्रधान डाकघर या उप डाकघर के लेखों में समाविष्ट किया जाता है ।शाखा डाकघर के इंचार्ज अधिकारी को शाखा पोस्टमास्टर कहा जाता है । किसी नगर या उसके उप नगरों में , जहां प्रधान डाकघर भी हो , स्थित शाखा डाकघर को नगर शाखा डाकघर कहा जाता है ।

 पारवहन ( ट्रांसिट ) कार्यालय Transit Office : –

  •  जो डाकघर किसी सीधी डाक संचार लाइन पर स्थित हो और जहां आगे के डाकघरों के लिए आए थैले प्राप्त होते हों , और बिना खोले छांटे जाते हैं , पारवहन कार्यालय होता है । इस प्रकार जो थैले बिना खोले आगे भेजे जाते हैं , उन्हें फारवर्ड थैले कहा जाता है । पारवहन कार्यालय के नाम भेजे गए पारवहन थैलों को वहां खोला जाता है और उनके अन्दर रखे फारवर्ड थैलों को , खुले ही या अन्य पारवहन थैलों में बन्द करके , आगे भेज दिया जाता है । पारवहन कार्यालय का उपयोग यह है कि खुले थैलों की संख्या कम हो ।

पारवहन डाक कार्यालय : –

  •  रेडासे की एक शाखा कार्यालय है जहां बंद थैले प्राप्त किए जाते हैं और प्रेषित किए जाते हैं , इस कार्यालय में पत्रों की छंटाई नहीं की जाती । डाक अभिकर्ता या डाक रक्षक इस कार्यालय का प्रभारी होता है । आवश्यकता के अनुसार यह कई सेटों में भी काम करता है ।

कम्प्यूटरीकृत पारवहन कार्यालय : –

  •  कुछ शहरों के डाक पारवहन कार्यालयों में कम्प्यूटरों का इस्तेमाल किया जाता है । इन्हें कम्प्यूटरीकृत टी एम ओ कहा जाता है ।

 छंटाई कार्यालय : –

  •  जिस कार्यालय को प्राप्त होने वाले छंटाई डाक थैलों को खोलने और उनके अन्दर की चीजों को निपटाने का काम सौंपा गया है उसे छंटाई कार्यालय कहा जाता है । छंटाई कार्यालय में छंटाई के लिए हर किस्म की वस्तुएं आ सकती हैं । छंटाई कार्यालय का उपयोग यह है कि इससेे-
  •  ( क ) अन्य कार्यालयों के छंटाई के काम को सरल बनाया जा सके
  • ( ख ) डाकघरों के बीच अदले – बदले जाने वाले थैलों की संख्या कम की जा सके
  • ( ग ) डाक – मार्गों पर ले जाई जाने वाली डाक के वजन को कम किया जा सके ।

स्वचालित डाक संसाधन केन्द्र : – 

  • प्रमुख नगरों में जहां डाक का आवागमन ज्यादा है , छंटाई मशीनें लगाई गई हैं , जिनकी छंटाई की गति अधिक है । अब ये मशीनें मुंबई तथा चेन्नई में लगाई गई हैं ।

 कम्प्यूटरीकृतरजिस्ट्री केन्द्र : –

  •  छंटाई कार्यालय के रजिस्ट्री बैंच जहां पर रजिस्ट्री कार्य कम्प्यूटरों पर किया जाता है कम्प्यूटरीकृत रजिस्ट्री छंटाई केन्द्र ( सी आर सी ) कहा जाता है । यह कम्प्यूटरीकृत रजिस्ट्री केन्द्र छंटाई कार्यालय में स्थित हो सकता है या किसी अलग स्थान पर भी ।

उप छंटाई कार्यालय : – 

  • उप छंटाई कार्यालय वह उप – डाकघर है जो बहुत से डाक – मार्गों के जंक्शन पर अथवा उसके निकट स्थित होने के कारण इस आशय से चुना जाता है कि जिन कार्यालयों का रास्ता उस उप – छंटाई कार्यालय से होकर जाता है , उन कार्यालयों के पते पर भेजी गई अथवा वहां से प्राप्त वस्तुओं के लिए वह छंटाई कार्यालयके रूप में काम कर सके । छंटाई के लिए इसे हर प्रकार की वस्तुएं प्राप्त करने का अधिकार होता है ।

नोडल डाकघर : – 

  • कुछ प्रमुख नगर व टाउनों में कुछ डाकघरों को प्राधिकृत किया जाता है कि वे पड़ोसी डाकघरों से डाक प्राप्त करें और रेडासे अधीक्षकों द्वारा दिए गए छंटाई डयाग्राम के अनुसार प्राप्त डाक की छंटाई करें । इस से स्थानीय छंटाई कार्यालयों में दिवसांत के कार्य के दबाव को कम किया जा सकता है । ऐसे कार्यालयों को नोडल डाकघर माना जाता है ।

पुनः प्रेषण केन्द्र : –

  •  पुनः प्रेषण केन्द्र डाक – सर्किल के मुख्यालय में स्थित होता है और इसका काम उन वस्तुओं का निपटारा करना है जिन पर किसी का दावा न हो और जिन्हें लेने से इन्कार किया जा चुका हो और जिन पर किसी का पता न हो अथवा जिन पर दिया हुआ पता अस्पष्ट या अधूरा हो ।

लिप्यंतरण केन्द्र : –

  •  लिप्यंतरण केन्द्र सर्किल के मुख्यालय में स्थित छंटाई कार्यालय या सर्किल के किसी अन्य कोई / सुविधाजनक छंटाई कार्यालय का छोटा सा सेल है । यह लिप्यंतरण केन्द्र डाकघरों या छंटाई कार्यालयों में डाली गई वस्तुओं पर क्षेत्रीय भाषाओं में लिखित पतों को अंग्रेजी में लिप्यंतरित करता है ।

डाक विनिमय केन्द्र – 

  • डाकघर या छंटाई कार्यालय या अनुभाग जो विदेशों में स्थित कार्यालयों के साथ डाक का आदान – प्रदान करता है , डाक विनिमय केन्द्र के नाम से जाना जाता है । जब वह किसी दूसरे देश में स्थित किसी डाक विनिमय केन्द्र के लिए डाक तैयार करता और भेजता है तब उसे प्रेषण डाक विनिमय केन्द्र कहा जाता है , जब कि किसी दूसरे देश के किसी डाक विनिमय केन्द्र के नाम से पुकारा जाता है , उनके लिए ” जावक डाक विनिमय केन्द्र ” और ” आवक डाक विनिमय केन्द्र ” शब्दों का भी इस्तेमाल किया जाता है । ऐसे कार्यालय भी , जो कि आवक और जावक दोनों ही डाक विनिमय केन्द्र के रूप में काम करते हैं , कुछ खास देशों के मामले में किसी एक हैसियत में ही काम कर सकते हैं ।

पारवहन डाक विनिमय केन्द्र –

  • सीमा पर स्थित ऐसा डाक विनिमय केन्द्र , जो भारत के दूसरे डाक विनिमय केन्द्रों के नाम भेजे गए या उनसे प्राप्त बंद थैलों को ही प्राप्त करता है या भेजता है , पारवहन डाक विनिमय केन्द्र के नाम से जाना जाता है । ऐसा केन्द्र न तो विदेशों के लिए थैले बंद करेगा और न ही विदेशों के आवक थैलों को खोलेगा । इसका काम सिर्फ इतना है कि किसी विदेश प्रशासन के वाहन या कर्मचारियों के जरिए डाक का आदान – प्रदान करे ।

विदेश डाकघर :

  •   ” विदेश डाकघर ” एक ऐसा डाक विनिमय केन्द्र है , जहां विदेश डाकघर सीमा शुल्क निर्धारित करने का काम भी किया जाता है । यद्यपि बहुत से डाक विनिमय केन्द्रों में डाक खोली जा सकती है ( और ऐसी डाक वस्तुएं छोड़ी जा सकती है , जिनके अंदर शुल्क लगाने योग्य किसी वस्तु के होने का संदेह न हो ) , यद्यपि शुल्क का वास्तविक निर्धारण ( और आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए डाक वस्तुओं को खोलने का काम ) केवल विदेश डाकघर में किया जाता है । जो डाक वस्तुएं एक डाक विनिमय केन्द्र में प्राप्त हुई हों और जिनके अंदर शुल्क लगाने योग्य माल होने का संदेह हो , लेकिन उनका वितरण ऐसे डाकघर से किया जाना हो जो कि किसी दूसरे डाक विनिमय केन्द्र के अधिक निकट हो तो उन डाक वस्तुओं को वास्तविक जाँच और शुल्क निर्धारण के लिए परवर्ती डाक – विनिमय केन्द्र में भेज दिया जाता है ।

विदेश उप डाकघर-

  •  उप विदेश डाकघर एक ऐसा डाकघर है जो कि डाक विनिमय केन्द्र नहीं है ( यानी जो दूसरे देशों के लिए न तो थैले बंद करता है और न विदेशों से उसके नाम पर भेजे गए थैलों को प्राप्त ही करता है , लेकिन वहां पर सीमा शुल्क की जांच , निर्धारण और सीमा शुल्क का लेखा रखने का काम किया जाता है । ऐसे उप विदेश डाकघर मुख्यत : प्रेषकों और पाने वाले व्यक्तियों की सुविधा के लिए खोले जाते हैं , जिन्हें अपनी विदेश डाक व स्तुओं को छुड़ाने या प्रेषण के लिए दस्तावेज वगैरह पेश करना पड़ सकता है ।

पारवहन अनुभाग : –

  •  रेल डाक व्यवस्था के वे चल कार्यालय जो रेल या नदी स्टीमर मार्गों पर काम करते हैं , पारवहन अनुभाग कहलाते हैं । पारवहन अनुभाग के सेट के इंचार्ज अधिकारी को डाक रक्षक या डाक एजेंट कहा जाता है ।

डाक कार्यालय : – 

  • डाक कार्यालय रेल डाक व्यवस्था के स्थिर कार्यालय हैं और ये दो प्रकार के होते हैं – छंटाई डाक कार्यालय और पारवहन डाक कार्यालय । इन दोनों में मुख्य अंतर है कि पहले कार्यालय तो उनके पते पर भेजे गये डाक थैलों के अन्दर की वस्तुओं और बन्द अग्रप्रेषित थैलों दोनों का निपटारा करते हैं , लेकिन पारवहन डाक कार्यालय का संबंध क वल बन्द थैलों से है । छंटाई डाक कार्यालय के एक सेट के प्रभारी अधिकारी को प्रधान छंटाई सहायक और पारवहन डाक कार्यालय के एक सेट के प्रभारी अधिकारी को डाक एजेंट कहा जाता है , चाहे उस पद पर काम करने वाले व्यक्ति की हैसियत जो भी हो ।

 कार्पोरेट डाक कार्यालय ( काडाका ) या थोक डाक कार्यालय ( थोडाका ) : – 

  • कार्पोरेट डाक की वृद्धि के कारण बड़े शहरों में रेडासे यूनिट , जैसे , कार्पोरेट डाक कार्यालय / थोक डाक कार्यालय खोले गए हैं । कोई फर्म जो एक साथ 5000 साधारण डाक की वस्तुएं / 250 रजिस्ट्री वस्तुएं प्रेषण के लिए प्रस्तुत कर सकता है तो उसे थोक डाककर्ता के रूप में पहचाना जाता है । ऐसे थोक डाककर्ताओं को एक संस्करित छंटाई सूची ( कस्टमाइज्ड सार्टिंग लिस्ट ) दी जाती है । इसी संस्करित छंटाई सूची के अनुसार थोक डाक को थोक डाककर्ता कई बंडलों में प्रस्तुत करेगा । तैयार किए गए बंडलों का विवरण दो प्रतियों में बीजक तैयार की जाएगी और उसे बंडलों के साथ थोक डाक कार्यालय पर प्रभारी अधिकारी को सौंपा जाएगा । यह प्रभारी अधिकारी प्रत्येक थोक डाक कर्ता से प्राप्त बंडलों की जांच बीजक के आधार पर करेगा और बंडलों को गंतव्य स्थान के आधार पर अलग करके रखेगा ।

मास मेलिंग सेंटर ( एम एम सी ) : –

  • बड़े शहरों में अधिक संख्या में नियमित रूप से डाक वस्तुओं को प्रेषित करने वाले ग्राहकों को मदद पहुँचाने के उद्देश्य से ये केन्द्र खोले गए हैं । यहाँ पर ग्राहकों के पत्र , परिपत्र तथा संबंधित खाली कवर अलग से लिए जाते हैं और कवरों पर पता लिखने , परिपत्रों / पत्रों को कवर में डालने और यदि आवश्यकता पड़े तो डाक टिकट चिपकाने / डाक को फ्रैंकिंग करवाने आदि कार्यों के लिए मदद पहुँचाई जाती है ।
  •  इसके लिए मास मेलिंग सेंटर कालेज छात्रों / गृहिणियों / पेंशनदारों को घंटे वार पारिश्रमिक देकर काम पर ले सकते हैं । 

प्रेस छंटाई कार्यालय ( पीएसओ ) : –

  • यह छंटाई कार्यालय उसी प्रांगण में स्थित होता है जहाँ कोई समाचार पत्र प्रकाशित होता है । इस छंटाई कार्यालय से संबंधित सभी सिब्बंदी का वेतन तथा अन्य लेखन सामग्री आदि का खर्च भी संबंधित समाचार पत्र के प्रकाशक वहन करेंगे । 
  • यह कार्यालय समाचार पत्र के प्रेषण समय के आधार पर अपने कार्यकाल को निर्धारित करता है 
  •  यह कार्यालय संबंधित डाकघरों / छंटाई कार्यालयों को सीधे ” एल ” बैग तैयार करता है जो स्थानीय नियमित छंटाई कार्यालयों द्वारा प्रेषित होते हैं । 

 प्रधान अभिलेख कार्यालय : –

  •  यह रेल डाक व्यवस्था के मंडल कार्यालय के मुख्यालय में स्थित स्थिर कार्यालय है जहाँ पर अभिलेख कार्यालय के सामान्य कार्यों के अतिरिक्त सारे मण्डल के वेतन बिल और फुटकर बिलों और उनसे संबंधित लेखों को तैयार किया जाता है । 
  • प्रधान अभिलेख कार्यालय के प्रभारी अधिकारी को प्रधान अभिलेख अधिकारी कहा जाता है । 

उप अभिलेख – कार्यालय : –

  •  उप अभिलेख – कार्यालय रेल डाक व्यवस्था का वह स्थिर कार्यालय है जो उसी स्थान पर स्थित होता जहां पर डाक कार्यालय होता है और जहाँ डाक कार्यालय व उप अभिलेख – कार्यालय के साथ सम्बद्ध अनुभागों के , कार्य – पत्र तैयार किए जाते हैं , उनकी जाँच की जाती है और रेकार्ड रखा जाता है और जो डाक कार्यालय और अनुभागों के प्रयोग के लिए आवश्यक फार्म , थैले और लेखन – सामग्री देता है ।
  •  उप अभिलेख कार्यालय के इंचार्ज अधिकारी को उप अभिलेख अधिकारी कहते हैं ।

थैला कार्यालय : – 

  • थैलों के अनावश्यक संचरण से बचने के लिए थैला लेखे की एक नई प्रणाली प्रारंभ की गई है । डाकघर / रेडासे कार्यालयों को थैला कार्यालयों में वर्गीकृत किया गया है जो निम्न प्रकार से है :
  1.   यूनिट थैला कार्यालय ( यूबीओ ) : – शाखा डाकघर तथा अतिरिक्त विभागीय उड़ाध को छोड़कर सभी डाकघर यूनिट थैला कार्यालय का काम करेंगे । इस कार्यालय को साल में एक बार न्यूनतम अधिकतम थैला शेष का इंतजाम संबंधित डाक अधीक्षक संभवतः 1 जुलाई को करेंगे । हरेक थैला कार्यालय एक दैनिक थैला पुस्तक रखेगा और अपने जिला थैला कार्यालय को दैनिक थैला शेष की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा ।  
  2. जिला थैला कार्यालय ( डी बी ओ ) : – रेल डाक सेवा के प्रत्येक प्रधान अभिलेख कार्यालय / उप अभिलेख कार्यालय जिला थैला कार्यालय के रूप में काम करेगा । यह कार्यालय अपने से संबद्ध छंटाई कार्यालयों तथा पारवहन कार्यालयों के साथ – साथ उनसे संबद्ध यूनिट थैला कार्यालयों के संबंध में भी थैलो की प्राप्ति एवं प्रेषण का लेखा जोखा वर्गवार सभी थैलों का रखेगा । कुछ अपवाद मामलों में प्रधान डाकघर भी डी बी ओ के रूप में काम करते हैं । 
  3. सर्किल थैला कार्यालय ( सीबीओ ) : – डाक सर्किल के मुख्यालय में स्थित डाक वस्तु भंडार सर्किल थैला कार्यालय के रूप में काम करेगा । यह कार्यालय जिला थैला कार्यलयों तथा युनिट थैला कार्यालयों का निरीक्षण करके थैला – शेषों का सत्यापन करेगा । यह कार्यालय थैलों का उपलब्ध कराने , वितरित करने तथा मरम्मत एवं नीलाम करने के लिए भी उत्तरदायी है ।   
  4. केन्द्रीय थैला कार्यालय : – डाक निदेशालय के ‘ डी ‘ अनुभाग केन्द्रीय थैला कार्यालय का काम करेगा । वास्तव में यह कार्यालय थैलों से सीधा व्यवहार नहीं करता लेकिन थैलों को उपलब्ध कराने और वितरित करने वाले पत्राचार से सीधा संबंध रखता है । टिप्पणी : – जहाँ कहीं ” अभिलेख कार्यालय ” तथा ” अभिलेख अधिकारी ” शब्द प्रयुक्त हैं वहाँ यदि प्रसंग में इसके विपरीत कोई बात न हो तो , क्रमशः प्रधान तथा उप अभिलेख कार्यालय और प्रधान तथा उप अभिलेख अधिकारी भी शामिल हैं । 

छंटाई सहायक : –

  • पर्यवेक्षण अधिकारियों , डाक रक्षकों और चौथी श्रेणी के कर्मचारियों को छोड़कर रेल डाक व्यवस्था के सभी अधिकारियों के लिए छंटाई सहायक शब्द का प्रयोग किया जाता है 

सहकारी छंटाई सहायक : –

  •  किसी छंटाई अनुभाग में जहां काम अधिक हो , किसी सेट की सहायता के लिए उसकी गश्त के एक हिस्से में कार्य करता है , उसे सहकारी छंटाई सहायक कहते है

अनुभाग का सेट : –

  • रेल डाक व्यवस्था के जो छंटाई सहायक होते हैं किसी अनुभाग की पूरी गश्त में दोनों तरफ एक साथ कार्य करते हैं उन्हें उस अनुभाग का ” सेट ” कहते हैं । सेटों की गिनती क्रमसंख्या के अनुसार होती है और उनका नामकरण अनुभाग के नाम के बाद उनकी क्रमसंख्या लगा कर करते हैं । 
  •  किसी अनुभाग के हर सेट के काम करने का समय एक ही होता है , उसके कर्मचारियों की संख्या भी समान होती है । डाक की व्यवस्था समान होती हैं और डाक विनिमय करने का ढंग भी एक होता है । किसी अनुभाग के सेटों की संख्या काम के साप्ताहिक घंटों के आधार पर तय की जाती है । 

डाक कार्यालय का सेट : –

  • रेल डाक व्यवस्था के उन छंटाई सहायकों को जो किसी डाक कार्यालयों में एक ही समय काम करते हों सेट कहा जाता है । डाक कार्यालयों के सेटों की गिनती क्रम – संख्यानुसार की जाती है । 
  • अनुभाग के सेटों के विपरीत , डाक कार्यालय के प्रत्येक सेट के काम के अलग – अलग घंटे और डाक और छंटाई का तरीका भिन्न – भिन्न होता है । कर्मचारियों की संख्या भी काम की मात्रा के अनुसार भिन्न – भिन्न हो सकती है । 

फेरा ( Trip ) : –

  •  काम पर यात्रा करने वाले किसी अनुभाग के एक सेट द्वारा अपनी गश्त के एक सिरे से दूसरे सिरे तक की जाने वाली यात्रा को फेरा कहते हैं । 
  • सेट के मुख्यालय से अन्य  स्थान तक के फेरे को जावक फेरा कहते हैं और मुख्यालय अथवा आवक स्थान की ओर लगाये जाने वाले फेरे को आवक फेरा कहा जाता है ।

 स्टेशन और छंटाई वस्तुएं : –

  • स्टेशन – वस्तुएं वे वस्तुएं होती हैं जिनका वितरण उस डाकघर से किया जाना हो जहां वे भेजी जाती हैं , लेकिन पत्र – डाक की अदत्त शुल्क अथवा अपर्याप्त रूप से दत्त शुल्क वस्तुओं को , जो उप – डाकघरों अथवा शाखा डाकघरों से वितरित की जानी हों , जब प्रधान डाकघर अथवा उप डाकघर में भेजा जाता है , तब उन्हें प्रधान डाकघर या उप – डाकघर की , जैसी भी स्थिति हो , स्टेशन वस्तुओं के रूप में  िया जाता है । 
  • छंटाई वस्तुएं वे वस्तुएं हैं जिनकी छंटाई उस डाकघर , अथवा डाक कार्यालय द्वारा की जानी होती हैं , जहां वे भेजी जाती हैं और जहां से उन्हें उनके अन्तिम गन्तव्य स्थानों के कार्यालयों में अथवा अन्य छंटाई कार्यालयों में भेज दिया जाता है । 

लेबल लगे बंडल : –

  •  पत्र डाक की गैर – रजिस्ट्री वस्तुओं के उस समूह को , जिसमें पते वाला भाग ऊपर रखा हो और जिसे जांच पर्ची लगा कर अच्छी तरह बांधा गया हो , लेबल लगा बंडल कहते हैं । छंटाई में इसे एक ही वस्तु समझा जाता है और इसे उस कार्यालय अथवा अनुभाग द्वारा खोला जाता है जिसका पता इस पर लिखा होता है । 
  • लेबल लगे बंडलों की दो श्रेणियां हैं – स्टेशन बंडल और छंटाई – बंडल : 
  •  स्टेशन बंडल में गैर – रजिस्ट्री स्टेशन वस्तुएं होती हैं और वह या तो दत्तशुल्क बंडल हो सकता है , जिसमें केवल दत्तशुल्क – वस्तुएं होती हैं , या अदत्तशुल्क बंडल हो सकता है , जिसमें केवल अदत्तशुल्क बंडल हो सकता है , जिसमें केवल अदत्तशुल्क वस्तुएं होती हैं । स्टेशन – बंडल आमतौर पर तब बनाए जाते हैं जब किसी कार्यालय के लिए दत्तशुल्क या अदत्तशुल्क वस्तुओं की संख्या चौदह से अधिक हो ।
  •  छंटाई – बंडल में गैर – रजिस्ट्री दत्तशुल्क और अदत्तशुल्क दोनों प्रकार की वे वस्तुएं होती हैं जो स्टेशन बंडलों में शामिल नहीं की जाती । छंटाई बंडल दो प्रकार के हो सकते हैं – तुरत – बंडल और आस्थगित बंडल । तुरत बंडल में वे वस्तुएं होती हैं जिनकी छंटाई डाक कार्यालय या डाकघर में प्राप्त होते ही तुरन्त की जानी होती है । आस्थगित बंडल में वे वस्तुएं होती है जिन्हें बाद में भी निपटाया जा सकता है । 
  • जब किसी राज्य , देश के किसी सुनिर्धारित भाग , या किसी अन्य देश के लिए छंटाई बंडल तैयार किया जाता है तो उसे क्षेत्रीय बंडल कहा जाता है । क्षेत्रीय बंडल तब तैयार किये जाते हैं जब वस्तुओं की संख्या 25 अथवा उससे अधिक हो । 
  •  लेबल लगे बंडल अपेक्षित नहीं होते । 

 जांच – पर्ची : – 

  • प्रत्येक लेबल लगे बंडल के ऊपर बांधे जाने वाले लेबल को जांच – पर्ची कहते हैं ।
  • इसे विभिन्न रंगों के कागज पर छापा जाता है , सामान्य दत्तशुल्क और अदत्तशुल्क बंडलों के लिए गुलाबी रंग के लेबल , 
  • सामान्य छंटाई बंडलों के लिए सफेद रंग के लेबल 
  •  विदेशी ” हवाई डाक शुल्क ” के बंडलों के लिए ” हवाई – डाक ” शब्दों वाले नीले रंग के लेबल प्रयुक्त किये जाते हैं ।
  •  तुरंद और आस्थगित दोनों प्रकार के बंडलों के लिए सफेद जांच पची इस्तेमाल की जाती है । जब इसे तुरत बंडल के लिए इस्तेमाल किया जाता है तब इसके ऊपर नीली पेंसिल से दो तिरछी रेखाएं खींच दी जाती हैं । 
  • स्थानीय वस्तुओं के लिए हरे रंग राजधानी की वस्तुओं के लिए पीले रंग तथा मेट्रो बंडलों के लिए नीले रंग की पर्च ियां इस्तेमाल की जाती हैं । प्रत्येक जांच पर्ची पर उस कार्यालय के नाम और तारीख की मोहर होती है जो बंडल को तैयार करता है , उस कार्यालय का नाम होता है , जहां इसे भेजा जाता है और उस अधिकारी के पूरे हस्ताक्षर होते हैं जो इसे बनाता है । 

 मनीआर्डर जांच – पर्ची : – 

  • गन्तव्य स्थानों को भेजने के लिए मनीआर्डर के बंडल तैयार करने के लिए सफेद अथवा बादामी रंग के कागज पर लाल स्याही से छपी जांच – पर्ची ( एम . ओ . – 70 ) इस्तेमाल करने के लिए निर्धारित है । इस जांच – पर्ची पर बंडल में शामिल मनीआर्डरों की संख्या लिखी जानी चाहिए । 

डाक – थैले : – 

  • डाक थैले में पत्र – डाक की गैर – रजिस्ट्री और रजिस्ट्री वस्तुएं अर्थात पत्र , पोस्टकार्ड और पुस्तक और पैटर्न पैकेट तथा गैर – रजिस्ट्री पार्सल होते हैं – रजिस्ट्री वस्तुएं रजिस्ट्री थैले में बन्द होती हैं । लेकिन जहां रजिस्ट्री पैकेट – थैला निर्धारित किया गया हो वहां भारी रजिस्ट्री पैकेटों को रजिस्ट्री पैकेट थैले में भेजा जाता है , डाक थैले में नहीं । जब पार्सल थैला निर्धारित न किया गया हो तो डाक थैले में पार्सल डाक की वस्तुएं भी भेजी जा सकती हैं । 
  • रोकड़ कार्यालय और उस उप डाकघर , जिसको नकद रुपया उस रोकड़ कार्यालय ( कैश आफिस ) द्वारा दिया जाता है के बीच अदले – बदले जाने वाले डाक – थैलों में रजिस्ट्री थैले के भीतर नकदी थैला ( कैश बैग ) भी होगा । इन डाक थैलों को उस रोकड़ कार्यालय उप डाकघर और उन कार्यालयों की , अपेक्षित डाक सूचियों में जहाँ से होकर वे गुजरते हैं , एक विभेद सूचक चिह्न ‘ एफ ‘ द्वारा सूचित किया जाता है । 

हवाई डाक थैले : – 

  • जिस डाक थैले में समस्त हवाई डाक योजना ( आल अप स्कीम ) के अधीन हवाई सेवा द्वारा ले जायी जाने वाली गैर – रजिस्ट्री और रजिस्ट्री वस्तुएं हों , उसे हवाई डाक थैला कहा जाता है । 
  •  हवाई डाक थैला बन्द करने के लिए सामान्यत : नीला दो सूती थैला इस्तेमाल किया जाना चाहिए । 
  • यदि किसी हवाई डाक थैले के अन्दर हवाई पार्सल डालकर भेजा जाता है तो थैले के लेबल के ऊपर ‘ सी . ए . पी . ‘ लिख दिया जाना चाहिए ताकि यह पता लग सके कि इसके अन्दर हवाई पार्सल है । 
  • रजिस्ट्री वस्तुएं थैले में तब तक न रखी जाएं जब तक कि भेजी जाने वाली वस्तुओं की संख्या 25 से अधिक न हो या वे भारी न हो या बीमा वस्तुएं न हों । 
  • जब कोई थैला भारी या असामान्य आकार की 25 संख्या तक की रजिस्ट्री वस्तुओं को बन्द करने के काम में लाया जाय , तो रजिस्ट्री सूची में इस के बारे में एक टिप्पणी अवश्य लिखी जानी चाहिए 
  •  हवाई डाक थैले या हवाई पारवहन थैले का वजन 30 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए ।

पार्सल थैला : –

  •  पार्सल थैले में साधारण रजिस्ट्री , पार्सल वी . पी . पार्सल और बीमा थैले रखे जाते हैं । 
  • इसमें एक पार्सल सूची भी होती है जिसमें पार्सल डाक की सभी रजिस्ट्री वस्तुओं का विस्तृत ब्यौरा होता है । 
  • पार्सल थैले अपेक्षित थैले नहीं होते और जब वे भेजे जाते हैं तो उन्हें अनियत डाक के रूप में माना जाता है ।

 बीमा थैला : –

  • बीमा थैले का उद्देश्य बीमा पार्सलों , जिनमें मूल्यदेय ( वी . पी . ) पार्सल भी शामिल है , को ढकना होता है ताकि उनकी अधिक अच्छी तरह हिफाजत की जा सके । 
  • बीमा थैले अपेक्षित या अनियत थैलों की श्रेणी में नहीं आते और न ही उनके अन्दर कोई ऐसी सूची होती है जिसमें उन थैलों के अन्दर रखी वस्तुओं का उल्लेख हो । 

 पैकेट थैला : –

  • किसी यू बी ओ / डी बी ओ / सी बी ओ / डाकघर लौटाए गये खाली थैलों या ऐसे थैले जिन बोरों में रखें उन बोरों को पैकेट थैला माना जाता है । 
  • पैकेट थैले अपेक्षित थैले नहीं होते और भेजते समय उन्हें अनियत डाक समझा जाता है ।

 पारवहन थैला : –

  • पारवहन थैले का इस्तेमाल एक ही कार्यालय या अनुभाग में भेजे गये बहुत से थैलों को उसमें रखने के लिये किया जाता है । 
  • पारवहन थैले अपेक्षित थैले होते हैं । 

लेखा थैला : –

  • लेखा थैले का प्रयोग किसी उप डाकघर और उसके मुख्य डाकघर के बीच उसमें नकदी थैले और लेखाओं से संबंधित वस्तुएं और दस्तावेज आदि रखकर भेजने के लिए किया जाता है । 
  • जब इसे मुख्य डाकघर से उप डाकघर को भेजा जाता है तो इसमें एस . ओ . स्लिप होती है और जब इसेउप डाकघर द्वारा मुख्य डाकघर में भेजा जाता है तो इसमें एस . ओ . दैनिक लेखा होता है । 
  • लेखा थैले अपेक्षित थैले होते हैं । उनमें उप डाकघरों से प्रधान डाकघर और प्रधान डाकघर से उप डाकघरों की वितरणीय सभी डाक वस्तुएं समाविष्ट होंगी । 

शाखा डाकघर थैला : –

  •  शाखा डाकघर थैले का प्रयोग शाखा डाकघर और उसके लेखा कार्यालय के बीच , उसमें नकदी थैलों और लेखा कार्यालय के साथ आदान – प्रदान की जाने वाली सभी वस्तुओं , दस्तावेजों आदि को रख कर भेजने के लिए किया जाता है । 
  • शाखा डाकघर थैले अपेक्षित थैले होते हैं । 

नकदी – थैला : –

  • नकदी थैले का प्रयोग डाकघरों के बीच भेजी जाने वाली नकदी की थैले में रखकर भेजने के लिए किया जाता है । 
  • नकदी थैले अपेक्षित थैले नहीं होते । आमतौर पर उन्हें लेखा थैलों , रजिस्ट्री थैलों या शाखा डाकघर थैलों के अंदर रख कर भेजा जाता है । 

 विशेष – थैला : –

  • विशेष थैले का प्रयोग डाकघर गाइड में उल्लिखित विशेषाधिकार प्राप्त उच्च सरकारी अधिकारियों और डाक महानिदेशक के , जब वह दौरे पर हों , पत्रों को रख कर भेजने के लिए किया जाता है । 
  • विशेष थैले में पत्र – डाक की गैर रजिस्ट्री और रजिस्ट्री वस्तुएं होती हैं 
  • विशेष थैले अपेक्षित थैले नहीं होते लेकिन जब वे भेजे जाते हैं तो उनका निपटारा अनियत डाक के रूप में किया जाता है ।

कैम्प – थैला : –

  •  कैम्प थैले का प्रयोग कार्यालय की फाइलों और कार्यालय के अन्य कागजात को रख कर भेजने के लिए किया जाता है और इसे डाकघर गाइड के खंड । की धारा 198 में उल्लिखित उच्च अधिकारियों के सचिवालयों या मुख्यालय के कार्यालयों द्वारा कैम्प में गए उच्चाधिकारी के लिए और कैम्प में गए उच्चाधिकारी द्वारा इन कार्यालयों के लिए बन्द करके भेजा जाता है ।
  •  कैम्प थैले अपेक्षित थैले नहीं होते लेकिन जब इन्हें भेजा जाता है तो इन्हें अनियत डाक के रूप में माना जाता है 

बदली स्टेशन : –

  • उस रेलवे स्टेशन को जहां दो पारवहन अनुभागों की गश्त मिलती हो और जहां एक गश्त द्वारा लायी गयी डाक दूसरे को सौंपी जाती हो , बदली स्टेशन कहा जाता है । 
  • संयोजक अनुभाग ( Connecting Section ) : –
  • किसी ऐसी अन्य गाड़ी से तत्काल मेल होता है जिसमें रेल – डाक व्यवस्था का दूसरा अनुभाग काम कर रहा हो । 
  • यदि एक अनुभाग के आगमन और दूसरे के प्रस्थान के बीच का समय इतना काफी हो कि जंक्शन – स्टेशन पर का डाक कार्यालय उसके बीच थैले तैयार कर सकता है , तो इन अनुभागों को “ संयोजक अनुभाग ” नहीं कहा जाता ।

 समयोपरि काम : –

  • समयोपरि काम का अर्थ है वह काम जो काम की निर्धारित अवधि के समाप्त होने के बाद अधीक्षक , सहायक अधीक्षक , निरीक्षक अथवा रेकार्ड अधिकारी के आदेशों पर किसी छंटाई सहायक , डाक रक्षक , वैन – पिय , भारिक ( पोर्टर ) या रेल डाक व्यवस्था के किसी अन्य कर्मचारी द्वारा किया जाता है । 

विश्राम – गृह : –

  •  विश्राम गृह वे मकान या कमरे हैं जिनकी व्यवस्था अन्तिम स्टेशनों या बदली स्टेशनों पर , जहां अत्यन्त आवश्यक हो , डाक अभिकर्ताओं डाक रक्षकों और वैन पियनों के आवास के लिए की जाती है ।
  • कटघरा ( केज ) पारवहन थैला ( केज टीबी ) : –
  • जब दूरस्थ स्थानों के लिए थैलों की संख्या ज्यादा हो  ो केज टी . बी . की सुविधा को काम में लाया जाता है । 
  • इस व्यवस्था से मध्यस्थ अनुभागों द्वारा थैलों का अनावश्यक हस्तांतरण से बचाया जा सकता है ।

 प्रेस पैकेट : –

  •  प्रेस पैकेट उस पैकेट को कहते हैं जिसमें किसी मान्यता प्राप्त समाचार – पत्र एजेंट द्वारा बिक्री के लिए समाचार – पत्र भेजे जा रहे हों और जिसका वितरण रेल डाक व्यवस्था के वैन से ही उस स्टेशन पर किया जाना हो , जिसका पता इस पैकेट पर लिखा हो । 

क आदेश : –

  • रेल डाक व्यवस्था के अधीक्षक द्वारा छंटाई सूचियों में परिवर्तन करने के लिए जो आदेश जारी किए जाते हैं उन्हें क – आदेश कहा जाता है ।

ख आदेश : –

  • छंटाई सूचियों में परिवर्तन के विषय को छोड़कर अन्य सभी विषयों के बारे में जो आदेश रेल डाक व्यवस्था के अधीक्षक द्वारा , डाक कार्यालयों में कार्य सम्पादन के विषय में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के मार्ग दर्शन के लिए जारी किये जाते हैं , उन्हें ख – आदेश कहा जाता है । 

कैम्प थैलों ख आदेश

  • दौरे पर जाने वाले उच्च अधिकारियों की शिविर वस्तुओं और कैम्प थैलों के निपटारे के संबंध में जारी किये गये ‘ ख ‘ आदेशों के मामले में ‘ ख ‘ अक्षर से पहले ‘ टी ‘ ( T ) अक्षर और लगेगा ।

 कार्य – पत्र : –

  •  किसी पारवहन अनुभाग के एक सेट या डाक कार्यालय को प्राप्त होने और उसके द्वारा भेजे जाने वाले दस्तावेजों को तथा उन संक्षिप्त विवरणों और दस्तावेजों को भी , जो उसके द्वारा काम करते समय तैयार किये जाते हैं , कार्य – पत्र कहा जाता है । 

अपेक्षित – डाक और अनियत डाक : –

  • ” अपेक्षित डाक ” में वे सभी थैले , वस्तुएं और दस्तावेज आते हैं जिन्हें हर रोज या निश्चित अवधि के पश्चात अवश्य भेजा जाना चाहिए ।
  •  ” अनियत डाक ” में पार्सल थैले , पैकेट थैले , विशेष थैले , शिविर – थैले तार थैले और वे सभी थैले आ जाते हैं जो ” अपेक्षित डाक ” के अंतर्गत नहीं आते । 
  • मुख और सम्मुखन : –
  •  वस्तु के जिस तरफ पता लिखा होता है , वह उस वस्तु का मुख होता है ।
  •  सम्मुखन शब्द का अर्थ है , वस्तुओं को इस प्रकार व्यवस्थित करना जिससे उनके पते वाली तरफ ऊपर आ जाये और पते एक ही दिशा में हो जायें ।

गश्त : –

  • जब गश्त शब्द का प्रयोग रेल डाक व्यवस्था के किसी अनुभाग के संबंध में किया जाता है तो उसका अर्थ होता है रेल अथवा स्टीमर मार्ग का वह भाग जिस पर वह अनुभाग काम करता है ।
  •  जब यह शब्द डाक ओवरसियरों और वितरण – एजेंटों जैसे डाकिये , ग्राम डाकिये आदि के बारे में इस्तेमाल किया जाता है तो यह उस क्षेत्र का द्योतक होता है , जिसमें उन्हें अपना काम करना होता है ।
  •  ‘ गस्त ‘ में वह डाकघर भी शामिल है . जिसे संबद्ध कर्मचारी की सेवा प्राप्त होती है । 

कैम्प पत्र व्यवहार : –

  • कैम्प पत्र – व्यवहार शब्द का अर्थ है , दौरे पर गये अधिकारियों के लिए भेजे गए पत्र और पत्र – व्यवहार की वे अन्य वस्तुएं , जिन पर ” कैम्प ” अथवा कोई अन्य निर्धारित पता लिखा होता है और इसके साथ किसी डाक नगर का नाम नहीं दिया होता । 

विलंबित पत्र तथा अति – विलंबित पत्र : –

  • विलंबित – पत्र वे पत्र होते हैं जो डाक बन्द करने के निर्धारित समय के बाद लेकिन इन पत्रों को डालने के लिए  ्वीकृत अंतराल में , डाक शुल्क के अतिरिक्त निर्धारित विलंब – शुल्क के डाक टिकट लगा कर किसी डाकघर या डाक कार्यालय की खिड़की पर दिये जाते हैं या किसी डाक कार्यालय के लेटर बक्स में डाले जाते हैं । “ 
  • अति विलंबित ” पत्र ऐसे पत्र होते हैं जो इन अंतराल में पूरे डाक शुल्क और विलंब – शुल्क की अदायगी किये बिना डाले जाते हैं । इन पर ” रोक लिया गया , विलंब – शुल्क के टिकट नहीं लगाए गए , ” मोहर लगायी जाती ह और इन्हें अगली डाक रवाना होने तक रोक लिया जाता है । 
  • गलत भेजी गई और गलत पते पर भेजी गई वस्तुएं : –
  •  गलत भेजी गयी वस्तु होती है जो किसी कार्यालय द्वारा गलती से उसके गन्तव्य कार्यालय के बजाय किसी अन्य कार्यालय को या निर्धारित मार्ग के स्थान पर किसी अन्य मार्ग से भेज दी जाती है , जिस वस्तु पर भारतीय भाषा में पता लिखा गया हो , उस पर यदि प्रेषण – कार्यालय द्वारा गन्तव्य स्थान का अंग्रेजी में ग त नाम लिख दिया गया हो तो यह वस्तु गलत पते पर भेजी गई वस्तु कहलाती ,है । 

आजमाइशी कार्ड : –

  •  आजमाइशी कार्ड विभागीय पोस्टकार्ड एम – 26 ( ए ) होते हैं 
  • जिनका इस्तेमाल वैकल्पिक डाक मागों से होने वाले सापेक्ष लाभ का अन्दाज लगाने या वस्तुओं के पहुंचने में होने वाली देरी का कारण जानने के लिए किया जाता है । 
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